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नीतीश कतला मछली तो सुशील रोहू मछली हैं: लालू यादव


नीतीश कतला मछली तो सुशील रोहू मछली हैं: लालू यादव

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को नीतीश कुमार और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने खुद को बेकसूर बताया और बीजेपी सरकार को घोटालेबाज करार दिया है.

लालू प्रसाद यादव ने कहा ‘नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त को हुक्म दिया कि भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, आतंकवाद भारत छोड़ो. उनके संरक्षण में जो सरकार बनी है बिहार में. जिसमें सुशील मोदी फाइनेंस मिनिस्टर बनाए गए हैं. पशुपालन विभाग के घोटाले को ये लोग दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला बता रहे थे. भागलपुर में नीतीश कुमार के नेतृत्व में 1 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है. सही आंकड़े मीडिया से छुपाए जा रहे हैं. बिहार का पैसा नीतीश कुमार ने लुटवाया है.

उन्होंने कहा ‘जब नीतीश कुमार और सुशील मोदी को लगा कि ये पकड़े जा सकते हैं. तो इन्होंने भागलपुर में अपने चहेते अफसरों को जांच के लिए भेज दिया. नीतीश कुमार कतला मछली और सुशील कुमार रोहू मछली हैं. जांच के बाद इन दोनों का क्या होगा? अफसरों को जो नीतीश कुमार पढ़ाएंगे. वो तो वही बोलेंगे. इस घोटाले में सृजन की संस्थापक मनोरमा देवी, नीतीश कुमार, सुशील मोदी, गिरिराज सिंह और बहुत सारे पुलिस अफसरों का हाथ है. ये ठेका इस एनजीओ को दिया गया था.’

लालू ने की सीबीआई जांच की मांग

लालू ने इस घोटाले में मनोज तिवारी का भी हाथ होने का दावा किया है. उन्होंने कहा ‘सीबीआई जांच में सब साफ हो जाएगा. सुशील मोदी को सत्ता मंत्रिमंडल से बर्खास्त करो और हाथ में हथकड़ी लगाओ. दिल्ली के बीजेपी अध्यक्ष की भी फोटो है मनोरमा देवी के साथ. भागलपुर में सरकार के संरक्षण में जो अरबों रुपए का घोटाला सामने आया है उसमें सुशील मोदी जिम्मेदार हैं. जब सरकारी खजाने से इतनी राशि निकाली जा रही थी. तो फाइनेंस मिनिस्टर सुशील मोदी क्या कर रहे थे? 2013 में रिजर्व बैंक ने भी इसकी जांच के लिए सरकार को खत लिखा था.’

लालू ने आगे कहा ‘नीतीश-सुशील की सरकार बनते ही यह घोटाला शुरू हो गया था. 2005 से ही इस खेल की शुरूआत हो गई थी. सृजन बैंक में इस पैसे को रखा गया था. सुशील मोदी पर भी विफलता का मुकद्दमा चलना चाहिए. मनोरमा देवी बहुत कम पढ़ी-लिखी महिला थीं. उनके आगे नीतीश कुमार समेत बीजेपी के सभी नेता नतमस्तक होते रहे. इस घोटाले में मनोज तिवारी, शाहनवाज हुसैन समेत सभी लोग शामिल हैं.’

लालू ने घोटाले से जुड़े कुछ सवाल भी उठाए हैं-

पीएलए से पैसा निकालकर बैंक में रखने का आदेश किसने दिया?

जिलाधिकारी पर दबाव था कि सृजन में यह पैसा जमा कराया जाए

इससे पहले इस मामले की जांच हो चुकी है. अब बताइए रिपोर्ट का क्या हुआ?

सृजन ने सरकारी पैसे को रियल एस्टेट में लगाया और कई राज्यों में मॉल बनाए हैं

इस घोटाले की राशि मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल की गई

मुख्यमंत्री सीबीआई से इसकी जांच कराए. सुशील मोदी को निकाले और हथकड़ी लगाए.



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