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गोरखपुर हादसा: मर रहे बच्चों के लिए फरिश्ता बने डॉ. कफील


गोरखपुर हादसा: मर रहे बच्चों के लिए फरिश्ता बने डॉ. कफील

जहां गुरुवार रात को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चे तड़प-तड़पकर मर रहे थे वहीं एक डॉक्टर कुछ बच्चों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आया. इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कफील की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है.

दरअसल गुरुवार की रात करीब दो बजे उन्हें सूचना मिली कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की सूचना मिली. सूचना मिलते ही डॉक्टर समझ गए कि स्थिति कितनी भयावह होने वाली है.

आनन-फानन में वो अपने मित्र डॉक्टर के पास पहुंचे और ऑक्सीजन के तीन सिलेंडर अपनी गाड़ी में लेकर शुक्रवार की रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे. तीन सिलिंडरों से बालरोग विभाग में करीब 15 मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकी.

रातभर किसी तरह से काम चल पाया, लेकिन सुबह सात बजे ऑक्सीजन खत्म होते ही एक बार फिर स्थिति गंभीर हो गई. डॉक्टर ने शहर के गैस सप्लायर से फोन पर बात की. बड़े अधिकारियों को भी फोन लगाया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया.

डॉ. कफील अहमद एक बार फिर अपने डॉक्टर मित्रों के पास मदद के लिए पहुंचे और करीब एक दर्जन ऑक्सीजन सिलेंडर का जुगाड़ किया. इस बीच उन्होंने शहर के करीब 6 ऑक्सीजन सप्लॉयर को फोन लगाया. सभी ने कैश पेमेंट की बात कही. इसके बाद कफील अहमद ने बिना देरी किए अपने कर्मचारी को खुद का एटीएम दिया और पैसे निकालकर ऑक्सीजन सिलेंडर लाने को कहा.

इस बीच डॉक्टर ने एंबु पंप से बच्चों को बचाने की कोशिश भी की. डॉ कफील के इस प्रयास की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है.



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